Saturday, January 30, 2021

यूं ना हो मायूस तू
सुन अपने दिल कि तू
अपने सपनों को बना हक़ीक़त
खुद पर कर यकीन तू
हो अगर बुलंद हौंसले
तो भला तुझे उड़ने से कौन रोक सकता है
आखिर तेरे जीवन की डोर तेरे ही हाथ है
लोग क्या कहेंगे ये क्यों सोचता है
अक्सर पहाड़ काट कर लोग पहाड़ देखने जाते हैं
लोगो के बेड़ियों में ना बंध तू
हर अड़चन को राख कर
बन उस चट्टान की तरह
जिसके पीछे से सूरज निकला करता है

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